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राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाये


वीर गति प्राप्त सैनिकों की विधवाओं / परिवार तथा अपंग सैनिकों को विशेष आर्थिक सहायता

      उ.प्र. सरकार ने आपरेशन पवन] श्रीलंका] आपरेशन मेघदूत सियाचिन में शहीद हुए प्रदेश में रहने वाले सशस्त्र सेना के सैनिकों की विधवाओं/परिवारों तथा अपंग हुए ऐसे सैनिकों को जो अपंगता के आधार पर सेवामुक्त हो गये है क्रमशः रु. 15000 तथा रु. 10000 प्रति पात्र की दर से विशेष आर्थिक सहायता देना स्वीकृत किया है।

आपरेशन पवन (श्रीलंका) प्राधिकार-शासनादेश सं0- 2290/48-88-11-2(1987)दिनांक 07 अक्टूबर 1988 तथा आपरेशन पवन मेघदूत (सियाचिन) शासनादेश सं0 -राज्यपाल/48-98-2 दिनांक 31 मार्च 1993

द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों / दिवंगत सैनिक की पत्नियों को अनुदान

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में रहने वाले द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को अनुदान दिया जाता है। 21 अक्टूबर 2013 से प्रतिमाह रु. 4000/- थी इसे दिनांक 04 फरवरी 2016इ को बढ़कार रू0 6000/- प्रतिमाह कर दिया गया हैै ।

अनुदान प्राप्त करने की पात्रता निम्नवत् है:

(क)  द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सेना में कमी होने के कारण सैन्य विघटन ;क्मउवइपसपेंजपवदद्ध अथवा युद्ध में भाग लेने के फलस्वरूप शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण मेडिकल बोर्ड द्वारा सेवा मुक्त कर दिये गये हों।

(ख) उ.प्र. के स्थाई निवासी हों।

(ग)  किसी अन्य स्रोत से कोई पेंशन प्राप्त न कर रहे हों।

पूर्व सैनिकों के लिए भूखण्ड/निर्मित भवनों के आवंटन के आरक्षण

उ.प्र. सरकार ने सेवारत कार्मिकों, पूर्व सैनिकों तथा युद्ध में मारे गये सैनिकों के आश्रितों को उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद तथा राज्य के विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित मकानों तथा मकान के भूखण्ड (प्लाट) आवंटन में 3 प्रतिशत आरक्षण स्वीकृत है। प्राधिकार शासनादेश संख्या:2905/37-2-91-94 एम.बी./91 दिनांक 25.11.1991

कारगिल  शहीदों के परिवारों के लिए विशेष योजना

कारगिल युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों की विधवाओं/परिवार तथा अपंग सैनिकों को विशेष आर्थिक सहायता (केवल आपरेशन विजय के लिए):-

(क) रु. 10.00 लाख प्रति पात्र शहीद की पत्नी/परिवार को एक मुश्त आर्थिक सहायता दी गई है।

(ख) कारगिल युद्ध में अपंग सैनिको जिनकी अपंगता 50 प्रतिशत है को रु. 2,00,000/- प्रति पात्र तथा जिसकी अपंगता 50 प्रतिशत से कम है उनको रु. 1,00,000/- प्रति पात्र की दर से एक मुश्त आर्थिक सहायता दी गई है।

(ग)  पेंशन प्रति माह रु. 7,500 प्रति शहीद की पत्नी तथा रु. 5,000 प्रति शहीद के माता/ पिता को दी जाती है।

(घ) कारगिल शहीद की पत्नी तथा युद्ध अपंग सैनिकों को ग्रीन कार्ड दिये गये।

प्राधिकार: शासनादेश संख्या - 1781/48-99-81 (विविध)/99टी.सी.-11     दिनांक 19 अगस्त 1999 तथा 267/48-2013-81 (विविध) 99 टी0सी0 दिनांक 15 मार्च 2013 ।

प्री-कारगिल युद्व में शहीद सैनिकों की विधवाओं को अनुदान

1962-1965 तथा 1971 के युद्ध में शहीद हुये सैनिकों/अधिकारियों की विधवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक्स ग्रेसिया अनुदान रूपया 50,000/- (रूपये पचास हजार मात्र) की दर से एक मुश्त भुगतान किया जाता है ।

यह अनुदान सेना मुख्यालय से सत्यापन के आधार पर दिया जाता है। उक्त अनुदान की धनराशि के भुगतान हेतु जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी संबंधित तहसील से सत्यापन करवाते है तहसील से सत्यापन प्राप्त होने के पश्चात् जिला सैनिक कल्याण अधिकारी योग्य एवं सत्यापित वीर नारियों से स्वयं सम्पर्क करते है तथा आवश्यक कार्यवाही पूरा करते हुए उनको चेक के माध्यम से अनुदान देते है।

पूर्व सैनिकों को ग्राम सभा की फालतू भूमि के आवंटन में वरीयता

भूमि प्रबन्धक समिति द्वारा ग्राम सभा की भूमि आवंटित किये जाने से सम्बन्धित प्राथमिकताएं निम्न लिखित है:-

(क)  ऐसे व्यक्ति जिसने संघ की सशस्त्र सेना में सेवा करते हुए शत्रु आक्रमण के कारण अपना जीवन बलिदान किया हो, न्याय पंचायत में रहने वाले भूमिहीन अविवाहित पुत्र/पुत्रियाँ या उसके भूमिहीन माता-पिता ।

(ख) न्याय पंचायत में रहने वाला ऐसा व्यक्ति जो संघ की सशस्त्र सेना में सेवा करते हुए शत्रु आक्रमण के कारण पूर्णतया निर्योग्य हो गया है।

(ग) न्याय पंचायत में रहने वाले कोई भूमिहीन व्यक्ति जो संघ की सशस्त्र सेना में अधिकारी से भिन्न किसी सेवा से निवृत्त, निर्मुक्त या सेवा मुक्त हों ।

प्राधिकार: उत्तर प्रदेश भूमि-निधि (संशोधन) अधिनियम 1975 (उ.प्र. अधिनियम सं. 30. 1975) मूल अधिनियम की धारा 198 का संशोधन 

मेडिकल/इंजीनियरिंग/व्यवसायिक कालेजों, में पूर्व सैनिकों व उनके पुत्र/पुत्रियों के लिये सीटों का आरक्षण

उत्तर प्रदेश में पूर्व सैनिकों सेवारत सैनिकों उनकी पत्नियों को जिसमें युद्ध में मारे गये अथवा लापता घोषित और मृत मान लिये गये सैनिक भी सम्मिलित हैं के आश्रितों को प्रदेश के समस्त औद्योगिक  संस्थानों तथा राजकीय औद्यौगिक एवं प्राविधिक संस्थानों में प्रवेश हेतु 8 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया गया है साथ ही यह आरक्षण सेना के विकलांग अधिकारियों इमरजेंसी/शार्ट सर्विस कमीशन प्राप्त अधिकारियों एवं सेवारत/भूतपूर्व सैन्य अधिकारियों के आश्रितों के लिए भी लागू है।  राज्य प्राविधिक शिक्षा विभाग के नियंत्रणाधीन डिग्री इंजीनियरिंग संस्थाओं में 5 प्रतिशत आरक्षण राजकीय दीक्षा विद्यालयों में बी.टी.सी. के लिये 3 प्रतिशत आरक्षण तथा सी.पी.एम.टी में 1 प्रतिशत आरक्षण अनुमन्य है। नीट यू.जी. में उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों हेतु एम.बी.बी.एस/बी.डी.एस पाठ्क्रमों में प्रवेश हेतु नीति एवं आरक्षण निम्नवत् हैः-

आरक्षण श्रेणी           वर्टिकल आरक्षण      आरक्षण श्रेणी                 हारिजेन्टल आरक्षण

क अनुसूचित जाति      21%                (क) स्व.सं.सेनानी आश्रित      2%

अनुसूचित जनजाति   2%                 (ख) पूर्व सैनिक(युद्ध में         2%

शहीद]अपंग/सेवानिवृत्त)के पुत्र/पुत्री      

अन्य पिछड़ा वर्ग      27%                (ग) विकलांग                    2%

      घ  महिला                       20%

                                              च) एन.सी.सी. सी तथा बी’  01%

प्रमाण पत्र धारक

स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान के अन्तर्गत स्थापित मेडिकल कालेज अम्बेडकर नगर कन्नौज जालौन तथा सहारनपुर में उपलब्ध 85 सीटें (प्रत्येक कालेज हेतु) का आरक्षण निम्नवत् है:-

     (क)अनुसूचित जाति  - 62 सीटें (ख) अनुसूचित जनजाति-05 सीटें

     (ग) अन्य पिछड़ा वर्ग- 11 सीटें  (घ) अनारक्षित (सामान्य वर्ग) -07 सीटें

प्राधिकार: शासनादेश सं.  उत्तर प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा अनुभाग -2 के पत्रांक 2234/72-2-17-158/2017 दिनांक 03 जुलाई 2017 के अनुसार।

सार्वजनिक वितण प्रणाली के अन्तर्गत नगरीय क्षेत्र की उचित दर की दुकानों के आवंटन में वर्तमान आरक्षण की व्यवस्था कार्यान्वित किये जाने हेतु आवंटन प्रारम्भ किये जाने हेतु नीति निर्देश

उत्तर प्रदेश में पूर्व सैनिको एवं युद्ध में मारे गये सैनिकों के परिवार के सदस्य एवं युद्ध में घायल हुये सैनिकों को नगरीय क्षेत्र की उचित दर की दुकानों के आवंटन में 08 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया गया है ।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देय अनुग्रह धनराशि

     उत्तर प्रदेश के मूल निवासी जिनका परिवार उत्तर प्रदेश में निवास कर रहा हो तथा जो भारतीय सेना में कार्यरत रहते हुए कर्तव्यपालन के दौरान आंतकवादी/अराजक तत्वों की गतिविधियों में हुई हिंसा, देश की सीमा पर अन्र्राष्ट्रीय युद्ध या सीमा पर छुट-पुट घटनाओं अथवा लड़ाकू/आंतकवादियों अथवा अतिवादी आदि की गतिविधियों के फलस्वरूप प्रदेश के बाहर मृत्यु हो जाये तथा उत्तर प्रदेश के बाहर के निवासियों जो भारतीय सेना में कार्यरत हों तथा जिनकी कर्तव्यपालन के दौरान इन्ही परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अन्दर मृत्यु हो जाय, उनके आश्रितों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रू0 20 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की जाती है

शहीद सैनिक की पत्नियों को गृहकर से मुक्ति प्रदान किये जानें के संबंध में

देश की सुरक्षा में शहीद हुए सैन्यकर्मियों की विधवाओं के स्वामित्व के आवासीय भवन में गृहकर से छूट प्रदान की गयी है । यह छूट केवल नगर निगमों के अन्तर्गत ही दी जा रही ह तथा भूतपूर्व सैनिकों के लिये मान्य नहीं है।

 

उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में समूह ग और समूह घ के पदों पर रिक्तियों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत हारिजेन्टल आरक्षण प्रदान किया गया है ।     

 पूर्व सैनिक को आवासीय भूखण्ड क्रय किये जाने पर स्टाम्प शुल्क में छूट

 स्टाम्प एवं रजिस्ट्री अनुभाग ए0प्र0 शासन के पत्र सं0 25/2016/888/94-स्टा.नि.-2-2016-500(64)/80 दिनांd 11 नवम्बर 2016 के आदेशानुसार पूर्व सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के विधिक आश्रितों को सम्पत्ति खरीद के प्रथम 20 लाख के मूल्यांकन पर स्टाम्प शुल्क पर छूट प्रदान की जायेगी।

वीरता पुरस्कार से सम्मानित सैनिकों को निःशुल्क बस यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने के संबंध में ।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित सैन्य बल के सैनिकों/अधिकारियों  जो प्रदेश के नागरिक हों, को प्रदेश में निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाती है । थल जल एवं वायु सेनाध्यक्ष द्वारा दिया गया प्रंशसा-पत्र (कमेन्डेशन कार्ड) भी इस सुविधा के लिए मान्य है।

शस्त्र लाइसेन्स के सीमा विस्तार के सम्बन्ध में

आयुध नियमावली 2016 में व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेन्स का सम्पूर्ण भारत अथवा उसके किसी भाग के लिए सीमा विस्तार के सम्बन्ध में निर्णय लेने हेतु लाइसेंसिंग प्राधिकारी को प्राधिकृत किया गया है। सीमा विस्तार अवधि अधिकतम 3 वर्षो के लिए होगी। प्रतिषिद्ध बोर(च्तवीपइपजमक इवतम) के शस्त्रों के लाइसेंसिंग प्राधिकारी गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा नवीनीकरण प्राधिकारी जिला मैजिस्ट्रेट हैं

जिला सैनिक बन्धु का गठन

     सैनिक कल्याण अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पत्र सं0-1244/48-2008-96 (विविध)/91 टी.सी.-11 दिनांक 20 सितम्बर 2008 के अन्तर्गत जिले स्तर पर सैनिकों की समस्याओं के निराकरण हेतु तत्परतापूर्वक समुचित कार्यवाही के लिये जिला सैनिक बन्धु के गठन हेतु आदेश जारी किया गया जिसमें जिला प्रशासन इस दिशा में निरन्तर सजगता बरतते हुए सैनिकों की समस्याओं के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता एवं वरीयता प्रदान करेगा ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए निम्नलिखित निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा संचालित किया जाता है:-

     (क)  इन्र्फोमेशन टेक्नालाजी प्रशिक्षण  -394 सीटें(480 घंटों का प्रशिक्षण)

     (ख) कम्प्यूटर टैली प्रशिक्षण       -60 सीटें (180 घंटों का प्रशिक्षण)

     (ग)  कम्प्यूटर फैशन डिजाइनिंग प्रशिक्षण -110 सीटें (300 घंटों का प्रशिक्षण)

     (घ)  एस.एस.बी. साक्षात्कार प्रशिक्षण  -75 सीटें (30 दिनों का प्रशिक्षण)

पूर्व सैनिकों को ग्राम सभा की फालतू भूमि के आवंटन में वरीयता

भूमि प्रबन्धक समिति द्वारा ग्राम सभा की भूमि आवंटित किये जाने से सम्बन्धित प्राथमिकताएं निम्न लिखित है:-

(क)  ऐसे व्यक्ति जिसने संघ की सशस्त्र सेना में सेवा करते हुए शत्रु आक्रमण के कारण अपना जीवन बलिदान किया हो न्याय पंचायत में रहने वाले भूमिहीन अविवाहित पुत्र/पुत्रियाँ या उसके भूमिहीन माता-पिता ।

(ख) न्याय पंचायत में रहने वाला ऐसा व्यक्ति जो संघ की सशस्त्र सेना में सेवा करते हुए शत्रु आक्रमण के कारण पूर्णतया निर्योग्य हो गया है।

(ग) न्याय पंचायत में रहने वाले कोई भूमिहीन व्यक्ति जो संघ की सशस्त्र सेना में अधिकारी से भिन्न किसी सेवा से निवृत्त, निर्मुक्त या सेवा मुक्त हों ।

प्राधिकार: उत्तर प्रदेश भूमि-निधि (संशोधन) अधिनियम 1975 (उ.प्र. अधिनियम सं. 30. 1975) मूल अधिनियम की धारा 198 का संशोधन 

सैनिकों द्वारा किराये पर दिये गये आवास को खाली कराने के लिये विशेष प्राविधान

उत्तर प्रदेश शहरी भवन (किराये पर देने  किराये तथा बेदखलीका विनियम) अधिनियम 1972 में कार्यरत या सेवानिवत् सैनिक अथवा सैनिक विधवा को अपने परिवार के सदस्यों के आवासिक प्रयोजनों के लिए किराये पर दिये गये भवन को खाली कराने के लिए अधिनियम संख्या-17 सन् 1985 द्वारा मुख्य अधिनियम 1972 की धारा 2,3,4,10 व 21 में आवश्यक संशोधन कर दिया गया है । संबंधित सैनिक पूर्व सैनिक उनकीविधवाएं इस संशोधित अधिनियम का लाभ अपना किराये पर दिया गया मकान खाली कराने के लिए उठा सकते हैं ।

शैक्षिक अर्हता में छूट

     सेना में की गयी 15 वर्ष की सेवा के उपरान्त सेवानिवृत्त हुये पूर्व सैनिकों को स्नातक के समकक्ष माना गया है ।

उ.प्र. पुलिस एवं आम्र्ड फोर्सेज सहायता संस्थान

     उ.प्र. पुलिस एवं आम्र्ड फोर्सेज सहायता संस्थान का उद्देश्य भारत चीन सीमा पर अथवा किसी अन्य वाह्य आक्रमण के समय अथवा वाह्य तत्वों के द्वारा प्रेरित इन्सरजेन्सी/ आतंकवाद की घटनाओं/आपातकालीन स्थिति/श्रीलंका में आपरेशन पवन/ देश/प्रदेश में कानून और व्यवस्था के रख-रखाव/साम्प्रदायिक दंगों/दैविक-आपदाओं एवं उनके दौरान बचाव कार्य में/दस्यु उन्मूलन अभियान/अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु समय-समय पर केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा परिचालित अन्य विशेष अभियानों में मृत/स्थाई रूप से अपंग घोषित सैन्य बल/विशेष अभियानों में मृत/स्थाई रूप से अपंग घोषित सैन्य बल/पुलिस/पी.ए.सी./विशेष पुलिस बल एवं अर्द्ध सैनिक बल के कर्मियों एवं उनके आश्रितो, जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हों, को आर्थिक अनुदान प्रदान करती है । अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया आदि का उल्लेख संस्थान की बेबसाइट  पर  उपलब्ध है।

उ0प्र0 सैनिक पुनर्वास निधि राज्यपाल सचिवालय राजभवन लखनऊ द्वारा पूर्व सैनिकों/उनके आश्रितों के कल्याणार्थ संचालित योजनायें

उत्तर प्रदेश सैनिक पुनर्वास निधि द्वारा भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई कार्पस धनराशि के प्राप्त ब्याज से उत्तर प्रदेश के पूर्व सैनिकों/उनकी विधवाओं एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है।

उ.प्र. पूर्व सैनिक कल्याण निगम की योजनाएं

उ0प्र0 पूर्व सैनिक कल्याण निगम, अवकाश प्राप्त सैन्य कर्मियों एवं उनके आश्रितों के पुर्नयोजन में सतत् प्रयत्नशील है।

कैप्टन मनोज कुमार पांडेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल सरोजनीनगर लखनऊ

यह कानपुर रोड पर सुरम्य वातावरण में स्थित है। उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल अंग्रेजी माध्यम वाला एक आवासीय पब्लिक स्कूल है,जो भारतीय विद्यालय प्रमाण-पत्र परीक्षा परिषद(कांउसिल फार द इडिंयन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन)नई दिल्ली से सम्बद्व है। इस विद्यालय में चयनित छात्रों को एन0डी0ए0 में प्रवेश के लिये तैयार किया जाता है। इस स्कूल में प्रवेश राज्य के कई स्थानों पर आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। इस स्कूल में 10 से 12 वर्ष की आयु वर्ग के कक्षा 6 उत्तीर्ण लडको एवं लडकियो को प्रवेश दिया जाता है। कक्षा 9 में प्रवेश के लिये आयु 12 से 14 वर्ष होनी चाहिये । इस स्कूल मे दाखिलें के लिये फॅार्म सीधे सैनिक स्कूल सरोजनी नगर लखनऊ से प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिये दूरभाष नं0 0522-2476263 पर सम्पर्क कर सकते है।